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Lingashtakam Lyrics: Lingashtakam from the album “Shiva Roopa Darshan” sung by S.P. Balasubrahmaniam. Lingashtakam music composed by S.P. Balasubrahmaniam. Lingashtakam lyrics are traditional.

Lingashtakam Credits

Song: Lingashtakam
Singer: S.P. Balasubrahmaniam
Music: S.P. Balasubrahmaniam
Lyrics: Traditional
Language: Sanskrit

Lingashtakam Lyrics in Sanskrit with Hindi Meaning

ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं
निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् ।
जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं
तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् |

अथार्थ – जो ब्रह्मा, विष्णु और सभी देवगणों के इष्टदेव हैं, जो परम पवित्र, निर्मल, तथा सभी जीवों की मनोकामना को पूर्ण करने वाले हैं और जो लिंग के रूप में चराचर जगत में स्थापित हुए हैं, जो संसार के संहारक है और जन्म और मृत्यु के दुखो का विनाश करते है ऐसे भगवान आशुतोष को नित्य निरंतर प्रणाम है |

देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं
कामदहं करुणाकरलिङ्गम् ।
रावणदर्पविनाशनलिङ्गं
तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् |

अथार्थ – भगवान सदाशिव जो मुनियों और देवताओं के परम आराध्य देव हैं, तथा देवो और मुनियों द्वारा पूजे जाते हैं, जो काम (वह कर्म जिसमे विषयासक्ति हो) का विनाश करते हैं, जो दया और करुना के सागर है तथा जिन्होंने लंकापति रावन के अहंकार का विनाश किया था, ऐसे परमपूज्य महादेव के लिंग रूप को मैं कोटि-कोटि प्रणाम करता हूँ |

सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं
बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम् ।
सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं
तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् |

अथार्थ – लिंगमय स्वरूप जो सभी तरह के सुगन्धित इत्रों से लेपित है, और जो बुद्धि तथा आत्मज्ञान में वृद्धि का कारण है, शिवलिंग जो सिद्ध मुनियों और देवताओं और दानवों सभी के द्वारा पूजा जाता है, ऐसे अविनाशी लिंग स्वरुप को प्रणाम है |

कनकमहामणिभूषितलिङ्गं
फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम् ।
दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं
तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् |

अथार्थ – लिंगरुपी आशुतोष जो सोने तथा रत्नजडित आभूषणों से सुसज्जित है, जो चारों ओर से सर्पों से घिरे हुए है, तथा जिन्होंने प्रजापति दक्ष (माता सती के पिता) के यज्ञ का विध्वस किया था, ऐसे लिंगस्वरूप श्रीभोलेनाथ को बारम्बार प्रणाम |

कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं
पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम् ।
सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं
तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् |

अथार्थ – देवों के देव जिनका लिंगस्वरुप कुंकुम और चन्दन से सुलेपित है और कमल के सुंदर हार से शोभायमान है, तथा जो संचित पापकर्म का लेखा-जोखा मिटने में सक्षम है, ऐसे आदि-अन्नत भगवान शिव के लिंगस्वरूप को मैं नमन करता हूँ |

देवगणार्चितसेवितलिङ्गं
भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम् ।
दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं
तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् |

अथार्थ – जो सभी देवताओं तथा देवगणों द्वारा पूर्ण श्रृद्धा एवं भक्ति भाव से परिपूर्ण तथा पूजित है, जो हजारों सूर्य के समान तेजस्वी है, ऐसे लिंगस्वरूप भगवान शिव को प्रणाम है |

अष्टदलोपरिवेष्टितलिङ्गं
सर्वसमुद्भवकारणलिङ्गम् ।
अष्टदरिद्रविनाशितलिङ्गं
तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् |

अथार्थ – जो पुष्प के आठ दलों (कलियाँ) के मध्य में विराजमान है, जो सृष्टि में सभी घटनाओं (उचित-अनुचित) के रचियता हैं, और जो आठों प्रकार की दरिद्रता का हरण करने वाले ऐसे लिंगस्वरूप भगवान शिव को मैं प्रणाम करता हूँ |

सुरगुरुसुरवरपूजितलिङ्गं
सुरवनपुष्पसदार्चितलिङ्गम् ।
परात्परं परमात्मकलिङ्गं
तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् |

अथार्थ – जो देवताओं के गुरुजनों तथा सर्वश्रेष्ठ देवों द्वारा पूजनीय है, और जिनकी पूजा दिव्य-उद्यानों के पुष्पों से कि जाती है, तथा जो परमब्रह्म है जिनका न आदि है और न ही अंत है ऐसे अनंत अविनाशी लिंगस्वरूप भगवान भोलेनाथ को मैं सदैव अपने ह्रदय में स्थित कर प्रणाम करता हूँ |

लिङ्गाष्टकमिदं पुण्यं यः पठेत् शिवसन्निधौ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते॥

अथार्थ – जो कोई भी इस लिंगाष्टकम को शिव या शिवलिंग के समीप श्रृद्धा सहित पाठ करेगा उसको शिवलोक प्राप्त होता है तथा भगवान भोलेनाथ उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते है

Lingashtakam Lyrics in English with Meaning

Brahma Muraari Suraarchita Lingam
Nirmala Bhashita Shobhita Lingam
Janmaja Dukha Vinaashaka Lingam
Tat Pranamaami Sadaa Shiva Lingam

(I salute that eternal Shiva Lingam) Which is adored by Lord Brahma, Lord Vishnu and the Gods, which is pure, shining, and well-adorned,
And which destroys the sorrows associated with birth (and human life). I salute that eternal Shiva Lingam.

Devamuni Pravaraarchita Lingam
Kaamadaham Karunaakara Lingam
Raavana Darpa Vinaashaka Lingam
Tat Pranamaami Sada Shiva Lingam

(I salute that eternal Shiva Lingam) Which is worshipped by the Gods and the best of Sages, which burns all desires, which is compassionate,
And which destroyed the pride of even Ravana. I salute that eternal Shiva Lingam.

Sarva Sugandha Sulepitha Lingam
Buddhi Vivardhana Kaarana Lingam
Siddha Suraasura Vanditha Lingam
Tat Pranamaami Sadaa Shiva Lingam

(I salute that eternal Shiva Lingam) Which is beautifully smeared with various fragrant pastes, which is the cause behind the elevation of a person’s (spiritual) intelligence and discernment,
And which is praised by the Siddhas, Devas and the Asuras. I salute that eternal Shiva Lingam.

Kanaka Mahaamani Bhushitha Lingam
Phanipathi Veshtitha Shobhitha Lingam
Daksha Suyajna Vinaashaka Lingam
Tat Pranamaami Sadaa Shiva Lingam

(I salute that eternal Shiva Lingam) Which is decorated with Gold and other precious gems, which is adorned with the best of the serpents wrapped around it,
And which destroyed the grand yajna (sacrifice) of Daksha. I salute that eternal Shiva Lingam.

Kumkuma Chandana Lepitha Lingam
Pankaja Haara Sushobhitha Lingam
Sanchitha Paapa Vinaashaka Lingam
Tat Pranamaami Sadaa Shiva Lingam

(I salute that eternal Shiva Lingam) Which is anointed with Kumkuma (Saffron) and Chandana (Sandal paste), which is beautifully decorated with garlands of Lotuses,
And which destroys the accumulated sins (of several lives). I salute that eternal Shiva Lingam.

Devaganaarchitha Sevitha Lingam
Bhaavair Bhakti Bhirevacha Lingam
Dinakara Koti Prabhakara Lingam
Tat Pranamaami Sadaa Shiva Lingam

(I salute that eternal Shiva Lingam) Which is worshipped and served by the group of Devas (Gods) with true Bhava (emotion or contemplation) and Bhakti (devotion),
And which has the splendor of a million suns. I salute that eternal Shiva Lingam.

Ashta Dalopari Veshtitha Lingam
Sarva Samudbhava Kaarana Lingam
Ashta Daridra Vinaashaka Lingam
Tat Pranamaami Sadaa Shiva Lingam

(I salute that eternal Shiva Lingam) Which is surrounded by eight-petalled flowers, which is the cause behind all creation,
And which destroys the eight poverties. I salute that eternal Shiva Lingam.

Suraguru Suravara Pujitha Lingam
Suravana Pushpa Sadaarchitha Lingam
Paraatparam Paramatmaka Lingam
Tat Pranamaami Sadaa Shiva Lingam

(I salute that eternal Shiva Lingam) Which is worshipped by the Preceptor of Gods (Lord Brihaspati) and the Best of the Gods, which is always worshipped by the flowers from the celestial garden,
Which is superior to even the best and which is the greatest. I salute that eternal Shiva Lingam.

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